पश्चिम एशिया में युद्ध से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर संकट,

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अब तक नहीं हुई भारत-चीन वार्ता

पिथौरागढ़। पश्चिम एशिया के युद्ध के चलते इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के आयोजन पर खतरा मंडरा रहा है। अब तक भारत-चीन के अधिकारियों के बीच इस संबंध में कोई वार्ता नहीं हुई है, जबकि पिछले वर्षों में यह वार्ता जनवरी में हो जाती थी।

कोरोना काल से पहले करीब एक हजार यात्री इस यात्रा पर जाते थे। पिछले वर्ष यात्रा खुलने के बाद 250 लोगों को अनुमति दी गई थी। इस बार अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे यात्रा के रद्द होने की आशंका है। सीमांत के व्यापारी भारत-चीन व्यापार को लेकर उत्सुक हैं, लेकिन युद्ध से उस पर भी ग्रहण लग सकता है।

वहीं, कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से सात मई से आदि कैलाश यात्रा शुरू हो रही है, लेकिन पर्यटकों में उत्साह नहीं है। केएमवीएन के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ला ने बताया कि आदि कैलाश यात्रा के लिए बुकिंग ओपन है, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वार्ता के बाद निर्णय होगा। धारचूला के केएमवीएन प्रबंधक डीएस बिष्ट ने माना कि यह यात्रा भी फीकी रहेगी।

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