रामनगर। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से पहली बार पहाड़ी क्षेत्र में बाघों की गणना कराई जा रही है। नौकुचियाताल, भवाली और ओखलढूंगा क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद नैनीताल व अल्मोड़ा के पहाड़ी इलाकों में करीब 550 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।
भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की मदद से की जा रही इस गणना के पहले चरण में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, तराई केंद्रीय, रामनगर, हल्द्वानी और नैनीताल डिवीजन शामिल हैं। बाघों के पदचिह्न, पेड़ों पर पंजों के निशान और मल के आधार पर उनके रूट तय किए जा रहे हैं, जहाँ कैमरे लगाए गए हैं।
नैनीताल के बेतालघाट, ओखलढूंगा, कुमेरिया, भवाली, भीमताल, नौकुचियाताल, खनस्यू, मुक्तेश्वर क्षेत्रों में भी कैमरा ट्रैप स्थापित किए गए हैं। वन संरक्षक (पश्चिमी वृत्त) साकेत बडोला ने बताया कि पहली बार पहाड़ी क्षेत्र में बाघ गणना की जा रही है और बाघ पिछले काफी समय से यहाँ दिखाई दे रहे हैं, इसलिए उम्मीद है कि इस बार प्रदेश में बाघों की संख्या अधिक रहेगी। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 260 बाघों की मौजूदगी के साथ कुमाऊं क्षेत्र में कुल लगभग 420 बाघ हैं।
