देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आठ प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें भूजल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर शुल्क लगाना और ग्रीन हाइड्रोजन नीति शामिल हैं।
भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए अब गैर-कृषि व्यावसायिक उपयोग (जैसे उद्योग, आवासीय परियोजनाएं, होटल, वाहन धुलाई सेंटर आदि) पर शुल्क लागू होगा। सुरक्षित क्षेत्रों में उद्योगों को प्रति दिन 50 घनमीटर पानी के इस्तेमाल पर प्रति घनमीटर 1 रुपये शुल्क देना होगा। 5000 रुपये का पंजीकरण शुल्क भी लगेगा।
प्रदेश को ग्रीन हाइड्रोजन का हब बनाने के लिए उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य हरित ऊर्जा से उत्पादित हाइड्रोजन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
कैबिनेट ने चमोली स्थित गौचर और उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों को संयुक्त सैन्य-नागरिक संचालन के लिए रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने की भी मंजूरी दी। साथ ही, देहरादून, चमोली, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद सृजित किए जाएंगे।
अन्य फैसलों में ऊधमसिंह नगर के पराग फार्म की 1354 एकड़ भूमि का सिडकुल को हस्तांतरण, निजी विश्वविद्यालय ‘जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय’ की स्थापना, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जिला परिवर्तन की सुविधा और परियोजनाओं के लिए आपसी समझौते से जमीन खरीदने की अनुमति शामिल हैं।
